निवेश के तरीके

फिक्स्ड डिपॉजिट में इन्वेस्ट कैसे करें

फिक्स्ड डिपॉजिट में इन्वेस्ट कैसे करें

फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है | FD Kya Hai (Fixed Deposit)

नमस्कार डियर पाठक आज के इस लेख में हम जानेंगे कि FD Kya Hai (फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है) आपने अक्सर जब भी निवेश के बारे में सुना होगा तो अधिकतर लोग बोलते हैं कि आप फिक्स डिपाजिट में पैसा डाल दो कोई रिस्क नहीं है। यानी कि एफडी करा दो,

और अधिकतर लोग अपने पैसे को एफडी में डालना ही पसंद करते हैं क्योंकि यहां पर रिस्क कम होता है और ब्याज निश्चित दर पर मिलता है। इसलिए आपके दिमाग में भी यह सवाल आया होगा कि आखिर FD क्या होती है, FD के क्या फायदे हैं, और अपनी कैसे कर सकते हैं। अगर आप भी अपने पैसों के साथ कोई रिस्क नहीं लेना चाहते और एफडी कराना चाहते हैं तो आप इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ के सभी जानकारी हासिल कीजिए।

Fixed Deposit Kya Hai (FD kya hai)

फिक्स्ड डिपॉजिट – FD बैंक और NBFC यानी नॉन – बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां के द्वारा प्रदान किया जाने वाला एक साधन है, जिसके माध्यम से निवेशको को एक निश्चित ब्याज दर पर बिल्कुल सुरक्षित रूप से एक निर्धारित डिपॉजिट राशि को बढ़ा सकते हैं। फिक्स डिपॉजिट एक सेफ इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है, फिक्स्ड डिपॉजिट निरंतर ब्याज दरों की गारंटी देता है।

और डियर पाठक सीनियर सिटीजन के लिए विशेष ब्याज दरें होती हैं और कई ब्याज भुगतान ऑप्शन प्रोवाइड किए जाते हैं, और साथ ही इनकम टैक्स कटौती की सुविधा और इसमें मार्केट संबंधी कोई भी रिस्क नहीं होता है।

FD कभी भी ब्याज दर के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होती है और साथ ही इसमें लॉक इन अवधि के बाद मैच्योरिटी पर निवेशकों को गारंटीड रिटर्न मिलते हैं। एफडी निवेशक आवधिक आधार पर या मैच्योरिटी पर अपना ब्याज प्राप्त करने का विकल्प चुन सकते हैं। लेकिन यहां पर एक बात है निवेशक आमतौर पर एफडी में पैसा मैच्योरिटी से पहले नहीं निकाल सकते हैं, हां लेकिन एक ऑप्शन है निवेशक कुछ पेनाल्टी चार्ज का भुगतान करने के बाद इसे तोड़ सकते हैं।

Fixed Deposit (FD) की विशेषताएं और फायदे

एफडी की विशेषताएं और फायदे

  1. यहां पर यह सुनिश्चित है कि रिटर्न फिक्स्ड है और एफडी पर मार्केट के उतार-चढ़ाव का कोई प्रभाव नहीं होता है।
  2. FD में मूलधन का नुकसान और रिस्क लगभग ना के बराबर है।
  3. NBFC द्वारा प्रदान की जाने वाली FD की ब्याज दरें बैंकों की तुलना में बहुत अधिक है।
  4. FD को आसानी से और बिल्कुल सिंपल तरीके से रिन्यू किया जा सकता है, और निवेशक अपने डिपॉजिट को रिन्यू करने पर अतिरिक्त दर का लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।
  5. FD डिपॉजिट पूंजी पर 75% तक लॉन भी लिया जा सकता है।
  6. डियर पाठक आपको बता दें कि आयकर अधिनियम 1961 के अनुसार ब्याज आई पर स्रोत पर टैक्स काटा जाता है, अगर निवेशक की कुल आय टैक्स योग्य नहीं है तो वह फार्म 15g और सीनियर सिटीजन के लिए फॉर्म 15h संबित करके टीडीएच से बच सकते हैं।
  7. साथ ही निवेशक अपने मासिक खर्चों को मैनेज करने के लिए आवधिक ब्याज भुगतान का ऑप्शन भी चुन सकते हैं, और सीनियर सिटीजन को अधिकतर मामलों में उच्च एफडी ब्याज दरें मिलती है।

क्या ऑनलाइन एफडी की जा सकती है।

जी हां बिल्कुल आप भी ऑनलाइन एफडी में इन्वेस्ट कर सकते हैं इसके लिए मार्केट में कई सारी कंपनियां मौजूद है, हां हालांकि आपको रिसर्च करके देखना है कि कौन सी कंपनी ग्राहकों को अच्छा ब्याज देती है और किस कंपनी पर भरोसा किया जा सकता है, क्योंकि हमने मार्केट में कई कंपनियों को गोते खाते हुए देखा है हम नाम नहीं लेना चाहेंगे लेकिन पुराने क्रिकेटरों की जर्सी पर आपको वह नाम दिख जाएगा इसलिए हमारा कहने का मतलब है कि आप ऑनलाइन फिक्स्ड डिपॉजिट में इन्वेस्ट कैसे करें या ऑफलाइन जहां भी इन्वेस्ट करें सोच समझ कर करें।

ऑनलाइन एफडी के विकल्प

इसके लिए अच्छा विकल्प है बजाज फाइनेंस जो एफडी पर अच्छा खासा ब्याज प्रोवाइड करवाता है, और यहां पर आपको इन्वेस्ट करने के लिए केवल कुछ ही बुनियादी चीजों की जरूरत होती है जैसे मोबाइल नंबर से लॉगिन करने के लिए आपको ओटीपी डालना होगा,

वहीं अगर आप बजाज फाइनेंस के करंट कस्टमर है तो आप अपना विवरण पता डालकर वेरीफाई करें और इसमें नॉमिनी का विवरण दर्ज करें अगर आप नए कस्टमर है, तो पैन कार्ड या आधार कार्ड जैसे वेरीफाइड डॉक्यूमेंट अपलोड करके अपनी केवाईसी कंप्लीट कर सकते हैं।

बैंक का अकाउंट की डिटेल के साथ डिपॉजिट पूंजी, और अवधी फिक्स्ड डिपॉजिट में इन्वेस्ट कैसे करें और ब्याज भुगतान का प्रकार दर्ज करें, अब आप नेट बैंकिंग या यूपीआई के माध्यम से भुगतान करने का विकल्प चुने और आपको बता दें कि एक लाख से अधिक निवेश के लिए केवल नेट बैंकिंग का विकल्प ही अवेलेबल है। और इस प्रकार भुगतान होने के बाद आपका डिपॉजिट बुक हो जाएगा और आपको 15 मिनट के अंदर अंदर ईमेल और एसएमएस के माध्यम से बिल प्राप्त हो जाएगा। अब ठीक उसी प्रकार आप जो बैंक अच्छा ब्याज देती है और ग्राहकों का ख्याल रखती है आप उसमें भी निवेश कर सकते हैं,

जहां पर आपका बैंक का अकाउंट है आप उसी बैंक में भी एफडी करवा सकते हैं, वहां पर आप शाखा प्रबंधन से संपर्क कर सकते हैं और आपको ज्यादा डॉक्यूमेंटेशन या किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी लेकिन हो सकता है थोड़ा ब्याज कम मिले

निष्कर्ष : FD Kya Hai

डियर पाठक एफडी कम क्या बिल्कुल नहीं जोखिम वाला साधन है, जहां पर आपको टेंशन लेने की ज्यादा आवश्यकता नहीं पड़ती है और नहीं रोज-रोज कोई झंझट झेलना पड़ता है, यहां पर आपने एक बार पैसा निवेश किया तो वह ऑटोमेटिकलि बढ़ता जाएगा। और भारत में ज्यादातर लोग स्टॉक मार्केट से ज्यादा एफडी पर भरोसा करते हैं। हालांकि अभी धीरे-धीरे लोगों का रुझान मार्केट के तरफ होने लगा है, अगर आप भी स्टॉक मार्केट सीखना चाहते हैं तो स्टॉक पत्रिका को फॉलो कीजिए।

आशा करते हैं आपको यह लेख FD Kya Hai पसंद आया होगा और काफी नॉलेजेबल जानकारी लगी होगी तो इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अवश्य शेयर कीजिए।

कोऑपरेटिव बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) : ऊंची ब्याज दरें हों तो भी, इसमें इन्वेस्ट करना कितना सही?

कोऑपरेटिव बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) : ऊंची ब्याज दरें हों तो भी, इसमें इन्वेस्ट करना कितना सही?

सावधि जमा योजना यानी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर 9.50 फीसदी की सालाना ब्याज दर निश्चित तौर पर आकर्षित करेगी, खासतौर से ऐसी स्थिति में जब कमर्शल बैंक एफडी पर 7 से 7.5 फीसदी की ब्याज दर दे रहे हों. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी एसबीआई (SBI)तीन साल की एफडी पर सालाना के हिसाब से 7 फीसदी की ब्याज दर दे रहा है. वहीं दूसरी ओर कोऑपरेटिव बैंक और म्यूनिसिपल कोऑपरेटिव बैंक इसी मच्योरिटी टर्म पर 8.50-9.50 फीसदी की दर से ब्याज दे रहे हैं.

इसका अर्थ यह हुआ कि यदि कोई व्यक्ति पांच साल के लिए 10 लाख रुपए की एफडी कोऑपरेटिव या म्यूनिसिपल कोपरेटिव बैंक में करता है तो वह अपेक्षाकृत बहुत अधिक यानी अन्य एफडी पर ब्याज की कमाई से 1 लाख रुपए अधिक ब्याज कमा सकता है. यही वजह है कि रिटायर होने वाले ज्यादातर लोग जो कि रेग्युलर मासिक इनकम चाहते हैं और इसके लिए बड़ी रकम निवेश में डालते हैं, वे पारंपरिक एफडी के मुकाबले कोऑपरेटिव बैंक के एफडी के प्रति ज्यादा आकर्षित होते हैं.

कई कोऑपरेटिव बैंक्स हालांकि असफल भी हुए हैं. कोऑपरेटिव बैंकों के मुकाबले कर्मशल बैंक अधिक नियम-कानूनों से बंधे होते हैं और संभवत: उनमें कस्टमर्स के हित अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित होते हैं. कर्मशल बैंक के मुकाबले कोऑपरेटिव बैंकों की वित्तीय स्थिति उतनी आसानी से उपलब्ध नहीं होती है. डील फोर लोन्स (Deal4Loans) के संस्थापक ऋषि मेहरा कहते हैं- अतीत में कई कोऑपरेटिव बैंक धराशायी हो गए हैं, ऐसे में बस कुछ 1.5-2 फीसदी अधिक ब्याज दर के लिए जोखिम लेना सही नहीं है. उनके मुताबिक, कोऑपरेटिव बैंक जिस एरिया में ऑपरेट करते हैं, वहां के स्थानीय किसानों और लघु उद्यम करने वालों को लोन देते हैं, ऐसे में वे इसलिए भी असफलता संबंधी जोखिम अधिक होता है क्योंकि लोन एक ही सेक्टर में दिए जा रहे हैं.

हालांकि निवेशक की निवेश की गई रकम का 1 लाख रुपया डिपॉजिट इंश्योरेंस स्कीम के तहत कोऑपरेटिव बैंकों में भी बीमित होता है, ठीक वैसे ही जैसे कि राष्ट्रीयकृत बैंकों के मामले में होता है. इसलिए विशेषज्ञ कहते हैं कि जितना भी पैसा निवेश करना है उसे विभिन्न बैंकों में करें, न कि एकसाथ किसी एक ही बैंक में करें. यदि आपको दो लाख रुपए निवेश करने हैं तो इसे दो कोऑपरेटिव बैंकों में डाल दें.

इसके अलावा एक और बात है. कभी कभी बैंक के फेल होने की दिशा में सरकार पैसा निकालने की सीमा तय कर देती है. मेहरा के मुताबिक, ऐसे में सरकार उस कोऑपरेटिव बैंक को संभलने के लिए वक्त देना चाहती है लेकिन यही बात कस्मटर्म के लिए झंझट बन जाती है.

Fixed Deposit Kya Hai, Fixed Deposit Account, Fd Kya Hai क्या हैं? Fixed Deposit kaise kare 2022

Fixed Deposit Kya Hai और Fixed Deposit Account

आपके मन अगर सवाल हैं FD क्या होता हैं, Fixed Deposit क्या हैं, Fixed Deposit के फायदे और नुकसान क्या हैं, Fixed Deposit करते कैसे हैं तो ऐसे सभी प्रशनो का जवाब इस आर्टिकल में मिलने वाला हैं। FD की पूरी जानकारी के लिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े।

Fixed Deposit Kya Hai – फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है ?

Fixed Deposit Kya Hai :- फिक्स्ड डिपॉजिट इन्वेस्ट का सबसे अच्छा और सुरक्षित तरीका माना जाता हैं। इसमें आपको फिक्स (निश्चित) अवधी (Time) के लिए निवेश (Invest) किया जाता हैं। इसमें फिक्स ब्याज ( Fix Interest) मिलता हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट में बचत खाता से ज्यादा ब्याज ( Fix Interest) मिलता हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट में अधिक ब्याज मिलने के कारण आपका पैसा जल्दी से बढ़ता हैं। सेविंग के बदले बचत पैसा को फिक्स्ड डिपॉजिट में रखना अच्छा माना जाता हैं। Fixed Deposit को को शार्ट (Short) में FD कहा जाता हैं, और FD का Full Form Fixed Deposit होता हैं।

ये भारतीयों का पारंपरिक निवेश (Invest) माना जाता हैं, पहले ज्यादातर लोग सुरक्षित निवेश का तरीका खोजते थे जिसमे ये तरीका मशहूर हुआ करता था और आज भी हैं। अभी भी कुछ ही लोग हैं जो म्यूच्यूअल फण्ड, SIP, IPO और शेयर बाजार में निवेश करते हैं। हलाकि ये सभी Risky भी होता हैं मगर जब बात Return का होता हैं तो FD के मुकाबले कई गुना ज्यादा होता हैं।

Fd क्या है – FD full form In Hindi – Fd Ka Matlab Kya Hota Hai – Fixed Deposit Kya Hai?

FD का पूरा नाम Fixed Deposit होता हैं। और FD में एक निश्चित समय के लिए अपने कमाई से किया गया पैसा को जमा किया जाता हैं जिस पर मिलने वाला ब्याज फिक्स होता हैं। और ये ब्याज सेविंग अकाउंट से ज्यादा होता हैं।

एफडी के फायदे – Fd Ke Fayde – फिक्स डिपॉजिट के फायदे – Fd Karne Ke Fayde

Fixed Deposit

Fd Ke Fayde :- अगर आप FD यानि की Fixed Deposit में निवेश (Invest) का मन बनाये हैं तो सबसे अच्छा और सुरक्षित हैं ये सबसे बड़ा फायदा हैं। Fixed Deposit करने पर ब्याज भी ज्यादा मिलता हैं बचत खाते के मुकाबले। इसलिए इसमें लोग ज्यादा निवेश करना पसंद करते हैं।

  1. अगर आप किसी भी बैंक में FD यानि की Fixed Deposit करते हैं ओ बैंक आपको कोई भी लोन आसानी से दे सकता है।
  2. FD यानि की Fixed Deposit में निवेश करने पर कुछ बैंक अपने ग्राहक को Health Insurance का लाभ देता हैं।
  3. ज्यादातर बैंक अपने निवेशक/ग्राहक को FD यानि की Fixed Deposit में निवेश करने पर Credit Card देती हैं। जिसका Limit FD के 80-85% तक का रहती हैं।
  4. फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने पर निवेशक Tax Saving का भी लाभ मिलता हैं। Tax Saving का लाभ 5 साल के FD पर ही मिलता हैं। ये छूट 80C के तहत मिलता हैं।
  5. फिक्स्ड डिपॉजिट करने पर गारंटीड रिटर्न मिलता हैं, जो जोखिम बाजार से दूर रहता हैं। Bank Defaulter होने पर भी निवेशक को 5 लाख का रिटर्न जरूर मिलेगा।

एफडी के नुकसान – Fd Ke Nunsan – फिक्स डिपॉजिट के नुकसान – Fd Karne Ke Nuksan

फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) हमेशा से निवेश का लोकप्रिय साधन रहा है और हैं भी। इसमें निवेशक को निश्चित ब्याज के साथ जोखिम भी बहुत कम रहता हैं न के बराबर। लेकिन इसकी भी अपनी सीमाएं हैं। अगर बैंक का डिफॉलटर होते हैं तो पैसा डूबने का भी खतरा रहता हैं। मैच्योरिटी से पहले फंड निकासी की सुविधा नहीं होती है। महंगाई भी FD के ब्याज को प्रभावित करती हैं। FD कराते समय इन 5 बातो का ध्यान रखना जरुरी होता हैं।

  1. डिफॉल्ट का जोखिम
  2. मैच्योरिटी से पहले फंड निकासी नहीं
  3. अधिक टैक्स का भुगतान
  4. महंगाई पर ब्याज दर प्रभावित
  5. फिर से निवेश पर कम ब्याज

महंगाई सहित अन्य कारकों का रखें ध्यान – Fixed Deposit Kya Hai

FD कराते समय महंगाई, डिफॉल्ट, रिटर्न, टैक्स देनदारी की जरूर गणना करें। पूरी रकम कभी भी एक साथ FD में न डालें। ऐसे साधनों में भी निवेश करें, जहां से जरूरत पड़ने पर आपको पूंजी तत्काल मिल जाए।

Bank me Fd Kaise Kare – बैंक में एफडी कैसे करें – Fixed Deposit Kaise Kare

Fd करने के लिए सबसे पहले आपको अपने बैंक में जाना होगा, उसके बाद वहाँ से FD का फॉर्म लेना होगा, फॉर्म को सही तरीका से भर कर उसे बैंक में ही जमा कर देना हैं। फॉर्म के जाँच करके आपका FD Account खोला जायेगा। फिर उसमे आपको चेक के माध्यम या किसी अन्य माध्यम से आपको पैसा जमा करना हैं।

Bank me Fd Kaise Kare – बैंक में एफडी कैसे करें – Fixed Deposit Kaise Kare

अगर आप इंटरनेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग चलते हैं तो आप घर बैठे ऑनलाइन के माध्यम से FD कर सकते हैं। ये तरीका बिलकुल सरल होता हैं और बहुत ही जल्दी आप FD कर पाते हैं। इसमें आपको किसी प्रकार के पेपर जमा करने के जरुरत नहीं पड़ता हैं।

दोस्तों इस आर्टिकल में हमने आपको Fixed Deposit (FD) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने की कोशिश की हैं। आशा और उम्मीद करते हैं ये जानकारी आपको पसंद आया होगा। अगर Fixed Deposit (FD) से सम्बंधित कुछ और जानकारी चाहिए तो हमें कमेंट करें जल्द आपका जवाब देने का कोशिश रहेगा।

स्मार्ट सेविंग के 6 टिप्स… बैंक में जमा पैसा बढ़ता नहीं, घटता है! फिर कहां करें निवेश

अच्छे रिटर्न के लिए कहां लगाएं पैसा. क्या बैंक में सेविंग अकाउंट में रखें या एफडी में जमा करें. क्या इससे बढ़ती महंगाई को मात दी जा सकेगी? संभावना कम है क्योंकि बैंक या एफडी महंगाई दर से भी कम ब्याज देते हैं. फिर कहां लगाएं पैसा और कमाएं, जानिए

स्मार्ट सेविंग के 6 टिप्स. बैंक में जमा पैसा बढ़ता नहीं, घटता है! फिर कहां करें निवेश

TV9 Bharatvarsh | Edited By: Ravikant Singh

Updated on: Jun 23, 2021 | 3:22 PM

क्या आपने सोचा है कि बैंक में जमा आपका पैसा कितना रिटर्न देता है? अगर रिटर्न देता है तो उसे महंगाई दर से जोड़ कर आपने कभी फायदे का हिसाब निकाला है? अगर नहीं तो यह काम एक बार कर लें. पता करें कि बैंक में जमा पैसे पर मिलने वाला 4 परसेंट का ब्याज 6 परसेंट की महंगाई दर के आगे कितना टिकता है. यह भी जानकारी ले लें कि जिस हिसाब से महंगाई बढ़ती है, क्या उस हिसाब से आपके पैसे पर ब्याज फिक्स्ड डिपॉजिट में इन्वेस्ट कैसे करें बढ़ता है. इसका जवाब ना में है. सेविंग बैंक अकाउंट में आपका पैसा जमा हो या फिक्स्ड डिपॉजिट में, महंगाई दर के आगे इस जमा पूंजी की अहमियत न के बराबर है. फिर क्या करें कि पैसा जमा भी हो और आज के जमाने के हिसाब से रिटर्न मिले?

इससे जानने से पहले कुछ आंकड़ों पर गौर करें. बैंक के सेविंग अकाउंट में जमा पैसे पर अंततः किसी ग्राहक को 3-4 परसेंट का ब्याज मिलता है. यही ब्याज मूलधन के साथ जुड़कर कमाई होती है. फिक्स्ड डिपॉजिट पर 5-6 परसेंट का ब्याज चल रहा है. इसे सुपर हाई रिटर्न नहीं मान सकते, लेकिन उनके लिए ठीक है जिनके पास जमा के नाम पर कुछ नहीं है. लेकिन सोचिए कि बैंक में जमा यह पैसा आपको कितना गरीब बना रहा है. इसका जवाब महंगाई दर है. भारत दुनिया में उन देशों में शामिल है जहां सबसे ज्यादा महंगाई है. यह महंगाई गरीब से लेकर अमीर सबको परेशान करती है.

इस पर गौर करें

एफडी को भारत में बहुत अच्छा साधन मानते हैं. लेकिन क्या कभी सोचा है कि टैक्स आदि देने के बाद आपके हाथ में महज 4-4.5 परसेंट का ही रिटर्न मिलता है. जबकि महंगाई उससे दो परसेंट ज्यादा 6 फीसद पर है. यह कम न होकर कुछ ज्यादा ही है. अगर आप मेट्रो सिटी में रहते हैं तो यह महंगाई और भी ज्यादा हो सकती है. इसका फिक्स्ड डिपॉजिट में इन्वेस्ट कैसे करें मतलब हुआ कि 6 परसेंट महंगाई के आगे बैंक में 4 परसेंट पर जमा आपका पैसा दिनोंदिन कमजोर हो रहा है. उसमें 2 परसेंट की गिरावट दर्ज हो रही है. अगर 10-15 साल तक बैंक में वह पैसा छोड़ दें तो आपकी परचेजिंग पावर 20-30 परसेंट तक घट सकती है. ऐसे में इसका उपाय क्या है. आइए जानते हैं.

1-फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें

आप अपने पैसे से ज्यादा से ज्यादा कमाई पा सकें, इसके लिए किसी फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें. एडवाइजर बताएगा कि आप पैसा कहां लगाएं और जितनी राशि आपके हाथ में है, उसे किसी फंड या क्रिप्टो आदि में लगाकर कमाई कर सकते हैं. निवेशक आपको इक्विटी इनवेस्टिंग के बारे में बताएगा जिसमें आप कम पैसे लगाकर ज्यादा कमाई कर सकते हैं.

2-पहले निवेश, फिर खर्च, अंत में सेविंग

यह सेविंग का सबसे अच्छा फंडा माना जाता है. जैसे ही सैलरी अकाउंट में आती है या हाथ में चेक आता है, ज्यादातर लोग खर्च शुरू कर देते हैं और बाद में निवेश करते हैं. इससे बचें और निवेश का सही तरीका अपनाएं. जरूरी है सैलरी का 25 परसेंट हिस्सा कहीं निवेश करें और उसके बाद ही अपने खर्च का काम शुरू करें. इससे आपके निवेश का अनुशासन बनेगा और समय के साथ आप बचत करना सिखेंगे.

3-आहिस्ता निवेश करें

निवेश करने में जल्दी न करें. ऐसा नहीं कि पैसा आते ही कहीं लगा दें और जब खुद की जरूरत पड़े तो कहीं से मांगना पड़े. निवेश अगर आहिस्ते हो तो उसका रिटर्न तेजी से मिलता है. इसके लिए म्यूचुअल फंड का एसआईपी ले सकते हैं. लॉन्ग टर्म में एसआईपी रिटर्न का अच्छा स्रोत है और इसमें 500 रुपये से भी निवेश कर सकते हैं. म्यूचुअल फंड में पैसे लगा रहे हैं तो पोर्टफोलियो के बारे में किसी जानकार से राय लेकर निवेश शुरू करें.

4-इंडेक्स फंड से शुरुआत करें

म्यूचुअल फंड या एसआईपी में पैसा लगाना चाहते हैं, लेकिन पता नहीं है कि कहां पैसा लगाना है. ऐसी स्थिति में सबसे अच्छा रहेगा कि इंडेक्स फंड में पैसे लगाएं. इंडेक्स फंड बहुत ही सरल, सस्ता और लंबी अवधि के लिए टिकाऊ होता है. इसका फायदा समय के साथ उठा सकते हैं.

5-गोल्ड और रियल एस्टेट भी सही है

निवेश में फायदे के हिसाब से गोल्ड और रियल एस्टेट भी लाभ का सौदा हो सकता है. ये दोनों ऐसे स्रोत हैं जिन पर महंगाई का असर कम पड़ता है. महंगाई अपनी राह चलती है, लेकिन गोल्ड और रियल एस्टेट की कमाई अपनी राह. ये दोनों सेक्टर ऐसे हैं जिसमें निवेशकों के साथ थोखा कम होता है. जितना लगाया, उस हिसाब से रिटर्न मिल ही जाता है.

6- ऊंचे लाभ के झांस में न आएं

डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट बताती है, निवेश करने चलें तो यह मान लें कि बाजार में कई ऐसे उस्ताद बैठे हैं जिनकी निगाह आपकी पूंजी पर है. कई निवेशक ऊंचे लाभ के लिए डेट प्रोडक्ट के झांसे में आ जाते हैं. शुरू में हो सकता है कि कुछ लाभ ऊंचे दर पर मिल जाए, लेकिन बाद में समूची पूंजी डूबने की नौबत आ सकती है. निवेशक को जानना चाहिए कि जहां ऊंचा ब्याज देने की बात हो रही है, वहां रिस्क भी काफी ऊंचा होगा. ऐसे में हाई रिस्क डेट इंस्ट्रूमेंट से बचें और सावधानी से निवेश करें.

बड़ी खुशखबरी: इन सभी बैंकों में खोलेंगे FD अकाउंट, तो होगा पहले से भी ज्यादा मुनाफा

डिंपल अलावाधी

Fixed Deposit Interest Rates: फिक्स्ड डिपॉजिट सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक है। निवेशक आगे चलकर फिक्स्ड डिपॉजिट से बेहतर रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं।

Fixed Deposit Interest Rates offered by different banks

  • फिक्स्ड डिपॉजिट सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है।
  • फिक्स्ड डिपॉजिट में सीनियर सिटीजन को ज्यादा ब्याज मिलता है।
  • एफडी अकाउंट खोलने से पहले बैंकों द्वारा दिए जाने वाले रिटर्न की जांच कर लें।

नई दिल्ली। पिछली तीन नीति समीक्षाओं में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी प्रमुख ब्याज दर में 1.40 फीसदी की वृद्धि की, जिसके बाद लगभग सभी बैंकों ने पिछले कुछ हफ्तों में अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की। निवेशक अपनी जरूरत के आधार पर फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट खोल सकते हैं। यह एक फिक्स्ड अवधि के लिए इन्वेस्ट करने पर फिक्स्ड ब्याज दर पर रिटर्न प्राप्त करने की सुविधा देता है। आइए जानते हैं हाल ही में किन बैंकों ने फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरें बढ़ाई हैं।

भारतीय स्टेट बैंक
देश के सबसे बड़े ऋणदाता एसबीआई (SBI) ने चुनिंदा अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों (Fixed Deposit Interest Rates) में 15 आधार अंकों तक की वृद्धि की है। 2 करोड़ रुपये से कम की एफडी पर नई दरें 13 अगस्त 2022 से प्रभावी हुई। 180 से 210 दिनों की FD पर ब्याज दर 4.55 फीसदी तय की गई है। एक से दो साल की अवधि के लिए ब्याज दर 5.30 फीसदी से बढ़ाकर 5.45 फीसदी कर दी गई। दो से तीन साल की अवधि के लिए ब्याज दर को बढ़ाकर 5.50 फीसदी कर दिया गया है।

एचडीएफसी बैंक
एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने 18 अगस्त 2022 से एफडी दरों में 40 आधार अंकों तक की वृद्धि की। ये दरें 2 करोड़ रुपये से कम की जमा राशि पर लागू होती हैं। एक साल से दो साल की अवधि के लिए एफडी पर अब ब्याज 15 बेसिस प्वाइंट ज्यादा, 5.50 फीसदी मिलता है। दो से तीन साल की एफडी में 5.50 फीसदी की कमाई होती रहेगी। तीन साल एक दिन से पांच साल के लिए ब्याज दरों में 40 आधार अंकों की वृद्धि की गई है।

कोटक महिंद्रा बैंक
कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) ने 17 अगस्त 2022 से तीन साल की अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों में 15 आधार अंकों तक की बढ़ोतरी की है। 365 से 389 दिनों की परिपक्वता वाली एफडी पर ब्याज दर 5.60 फीसदी से 15 आधार अंक बढ़ाकर 5.75 फीसदी कर दी गई है। 390 दिनों से लेकर तीन साल तक की मैच्योरिटी वाली FD पर ब्याज दरों को 5.75 फीसदी से बढ़ाकर 15 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.90 फीसदी कर दिया गया है।

पंजाब नेशनल बैंक
PNB ने 2 करोड़ रुपये से कम की FD की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। कुछ अवधियों के लिए बैंक ने 20 आधार अंकों तक की वृद्धि की है। नई ब्याज दरें 17 अगस्त 2022 से प्रभावी हैं। पीएनबी ने लंबी अवधि की एफडी पर ब्याज दर में 20 बेसिस प्वाइंट तक की बढ़ोतरी की है। बैंक अब एक साल में मैच्योर होने वाली जमाओं पर 20 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी पर 5.50 फीसदी ब्याज दर की पेशकश करेगा। एक साल से ज्यादा और दो साल तक परिपक्व होने वाली जमाओं पर ब्याज दर में 15 आधार अंकों की वृद्धि की गई है, इसके लिए नई दर 5.50 फीसदी है।

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