विदेशी मुद्रा शिक्षा

अरबपति बनने के लिए

अरबपति बनने के लिए
मस्क दोनों कंपनियों के सीईओ हैं और रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स, ब्रेन चिप स्टार्टअप न्यूरालिंक और टनलिंग कंपनी बोरिंग कंपनी भी चलाते हैं। उन्होंने आयोजकों द्वारा भेजी गई एक बैटिक शर्ट पहनी हुई थी, और मोमबत्तियों से जलती हुई स्क्रीन पर दिखाई दिया, यह समझाते हुए कि वह एक ऐसी जगह से बोल रहे थे, जिसने अभी-अभी अपनी शक्ति खो दी थी।

ट्विटर ने रोकी पैसे देकर ब्लू टिक लेने की सर्विस, फर्जी अकाउंट बने परेशानी

कर्मचारी तय करें वे कंपनी का हिस्सा बने रहना चाहते हैं या नहीं: मस्क

ट्विटर के नए मालिक ने कर्मचारियों को भेजे एक ईमेल में लिखा है कि कर्मचारियों को एक सफल ट्विटर 2.0 बनाने के लिए बहुत परिश्रमी होने की आवश्यकता होगी। साथ ही सफलता के लिए लंबे समय तक उच्च क्षमता दिखानी होगी।

मस्क ने कहा कि ट्विटर अधिकतर इंजीनियरिंग आधारित चलेगा और टीम के ज्यादातर कर्मचारी ‘कोडिंग’ करने वाले होंगे।

अरबपति उद्योगपति ने ट्विटर को अक्टूबर के अंत में 44 अरब डॉलर में खरीदने के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। वह अब अनुबंध वाले कुछ कर्मचारियों को भी निकालने की योजना बना रहे हैं।

मस्क ने ईमेल में कर्मचारियों से पूछा है कि वे ‘नए ट्विटर’ का हिस्सा बनना चाहते हैं या नहीं।

उन्होंने कहा है कि अगर कर्मचारी कंपनी का हिस्सा बने रहना चाहते हैं तो ईमेल में दिए गए लिंक पर ‘हां’ के रूप में क्लिक करें।

अंबानी और अदानी के घर में नौकरी पाने के लिए होने चाहिए ये डॉक्युमेंट्स, मिलती है लाखों की सैलरी

Jobs at Ambani and Adani’s house : मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की गिनती देश ही नहीं दुनिया के सबसे अमीर लोगों में होती है। आज देश और दुनिया में लाखों लोग उनकी कंपनियों में काम कर रहे हैं। हालांकि, उनकी कंपनियों के अलावा हजारों लोग उनके घरों में काम करते हैं। सबसे खास बात यह है कि अंबानी और अदानी के घरों में काम करने वाले नौकर आम नौकरों की तरह नहीं हैं, जिनकी तनख्वाह महज कुछ हजार रुपये है। दरअसल यहां काम करने वाले घरेलू कामगारों को भी लाखों रुपए वेतन मिलता है। वेतन के अलावा, उन्हें हर वो सुविधाएं दी जाती हैं, जो एक कॉर्पोरेट कर्मचारियों को दिए जाते हैं।

गौतम अडानी इस समय देश के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। 24 जून 1962 को अहमदाबाद के एक गुजराती जैन परिवार में जन्मे गौतम अडानी आज जो हैं, वह हैं। आज पूरी दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो अरबपति बनने के लिए अदानी परिवार के साथ काम करना चाहते हैं। होटल मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी की पढ़ाई कर रहे युवाओं का सपना इस संपन्न घर में नौकरी पाने का है। लेकिन यहां नौकरी पाना इतना आसान नहीं है।

अंबानी परिवार के नौकरों का वेतन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुकेश अंबानी के घर में करीब 600 से 700 नौकर काम करते हैं. इनमें से ज्यादातर की सैलरी 2 लाख से ऊपर है। इसके साथ ही उन्हें कॉरपोरेट कर्मचारियों की तरह मेडिकल इंश्योरेंस जैसी चीजें भी मिलती हैं। हालाँकि, जैसे अंबानी के घर में किसी को नौकरी नहीं मिलती है, वैसे ही आपको वहाँ नौकरी पाने के लिए एक कठिन परीक्षा और साक्षात्कार (Interview) के दौर को पास करना होगा।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अंबानी घर में आप जो भी नौकरी करना चाहते हैं, उसके लिए आपके पास सर्टिफिकेट या कोर्स की डिग्री होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि आप अंबानी के घर की रसोई में काम करना चाहते हैं, तो आपके पास शेफ का प्रमाणपत्र होना चाहिए, यदि आप ड्राइवर बनना चाहते हैं, तो आपके पास ड्राइविंग का अच्छा अनुभव होना चाहिए, यदि आप प्रबंधन में जाना चाहते हैं, तो आपके पास डिग्री होनी चाहिए। यहां तक ​​कि सफाईकर्मियों और बर्तन साफ ​​करने वालों की भी अंबानी के घर में रखने से पहले अच्छी तरह जांच की जाती है।

एलोन मस्क कहते हैं, “मेरी प्लेट पर बहुत काम है।”

एलोन मस्क कहते हैं,

नुसा दुआ, इंडोनेशिया, 14 नवंबर (रायटर) – अरबपति एलोन मस्क ने सोमवार को कहा कि वह अपने हालिया ट्विटर अधिग्रहण और नेतृत्व के बारे में पूछे जाने पर “जितनी मेहनत कर सकते हैं … सुबह से रात तक, सप्ताह के सातों दिन” काम कर रहे हैं। वाहन निर्माता टेस्ला से (टीएसएलए.ओ).

जानिए कौन हैं ऋषि सुनक, भारत से उनका क्या है संबंध ?

ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को ब्रिटेन के साउथेम्प्टन में हुआ था। उनका परिवार मूल रूप से ब्रिटिश इंडिया के पंजाब प्रांत में रहता था और वे भारतीय पंजाबी हिंदू हैं। उनकी मां उषा सुनक फार्मसिस्ट थी और पिता यशवीर सुनक एक जनरल चिकित्सक थे। वो अपने परिवार में तीन भाई बहनों में से सबसे बड़े हैं। यशवंत सुनक जो कि ऋषि सुनक के पिता है उनका जन्म केन्या में हुआ था वहीं उनकी मां उषा तंजानिया में जन्मी थी। हालांकि सुनक अपने आप को भारत से जोड़कर देखते हैं क्योंकि उनके दादा भारतीय थे। इसलिए वो अपने आपको भारतीय मूल का ही बताते हैं। ऋषि सुनक के भाई संजय एक मनोवैज्ञानिक हैं, साथ ही उनकी बहन राखी विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय में शांति निर्माण और संयुक्त राष्ट्र के लिए काम करती हैं।

प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षा

ऋषि सुनक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा विनचेस्टर कॉलेज हेंपशायर, इंग्लैंड से पूरी की। यह कॉलेज एक बोर्डिंग स्कूल है। इसके बाद उन्होंने आगे की शिक्षा लिंकन कॉलेज ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से की। ऑक्सफोर्ड में उन्होंने फिलॉसफी, राजनीति और अर्थशास्त्र का अध्ययन किया। उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ कंजर्वेटिव कैम्पेन मुख्यालय में इंटर्नशिप भी की। 2006 में उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री हासिल की।

ऋषि सुनक जब अपनी पढ़ाई स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में कर रहे थे इसी दौरान उनकी मुलाकात भविष्य में पत्नी बनी अक्षता मूर्ति से होती है। अक्षता और ऋषि दोनों स्टैनफोर्ड में MBA की पढ़ाई कर रहे थे। आपको अरबपति बनने के लिए मालूम होगा अक्षता मूर्ति भारतीय अरबपति एनआर नारायण मूर्ति की बेटी हैं। पत्नी भारतीय मूल के होने के साथ-साथ ऋषि सुनक के दादा-दादी भी भारतीय रहे हैं इस वजह से कहा जाता है ऋषि का संबंध भारत से गहरा है। सांसद बनकर जब ऋषि सुनक पार्लियामेंट पहुंचे थे तो उन्होंने गीता पर हाथ रखकर शपथ ली थी। ऋषि सुनक और उनकी पत्नी की दो बेटियां हैं वे नॉर्थ यॉर्कशायर के नॉर्थहेलर्टन के पास रहते हैं।

पिछले हफ्ते शुरू हुई थी सर्विस

बीते शनिवार से माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने 8 डॉलर (लगभग 650 रुपये) के बदले ब्लू टिक देने की सर्विस शुरू की थी। यह सर्विस अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और ब्रिटेन के आईफोन यूजर्स के लिए थी और आने वाले दिनों में इसका दायरा बढ़ाया जाना था। हर महीने 8 डॉलर के बदले कंपनी यूजर्स को लंबे वीडियो पोस्ट करने, रिप्लाई, मेंशन और सर्च में यूजर्स को ऊपर रैंक करने आदि फीचर्स भी दे रही थी।

दरअसल, इस सर्विस की शुरुआत के बाद से ही ट्विटर फर्जी अकाउंट की समस्या से जूझने लगी थी। कई यूजर्स ने बड़ी कंपनियों के नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को गुमराह अरबपति बनने के लिए करना शुरू कर दिया। एक ऐसे ही मामले में जीसस क्राइस्ट नाम के ट्विटर अकाउंट को ब्लू टिक मिल गया था। इसके चलते कंपनियों के असली और नकली अकाउंट के बीच अंतर खत्म हो गया, जिसके बाद ट्विटर को माफी मांगनी पड़ी।

कुछ अरबपति बनने के लिए अकाउंट्स पर लगा 'ऑफिशियल' लेबल

फर्जी अकाउंट्स के बढ़ते मामलों के बीच ट्विटर ने शुक्रवार को कहा कि वह कुछ अकाउंट्स पर 'ऑफिशियल' लेबल लगा रही है। वहीं कंपनी अरबपति बनने के लिए के नए मालिक एलन मस्क ने कहा कि सभी पैरोडी अकाउंट को अपने नाम में पैरोडी लिखना होगा।

मस्क के हाथों बिकने से पहले ट्विटर पर 2009 से चले आ रहे वेरिफिकेशन सिस्टम के तहत ब्लू टिक दिया जाता था। सेलिब्रिटी और नेताओं के फर्जी अकाउंट बनने से रोकने के लिए शुरू किए इस सिस्टम में यूजर को पहचान सत्यापित करने के बाद ब्लू टिक मिलता था। इससे असली और फर्जी अकाउंट की पहचान आसान हो पाती थी। हालांकि, मस्क के आते ही यह सिस्टम बंद हो गया और पैसे के बदले ब्लू टिक मिलने लगा।

कई बदलावों से गुजर रही है ट्विटर

दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क ने खरीद सौदा पूरा होते ही ट्विटर में बदलाव करने शुरू कर दिए थे। उन्होंने आते ही पराग अग्रवाल समेत शीर्ष अधिकारियों को निकाल दिया था। उसके बाद कई अन्य अधिकारियों ने कंपनी में अपने भविष्य की अनिश्चितता को देखते हुए इस्तीफे दे दिए। इन सबके बीच मस्क ने कहा कि अगले साल कई अरबों का नुकसान हो सकता है और वह ट्विटर के दिवालिया होने से भी इनकार नहीं कर सकते।

कई महीनों तक चली ना-नुकर के बाद आखिरकार पिछले महीने अमेरिकी अरबपति एलन मस्क ने ट्विटर खरीदने का सौदा पूरा कर लिया था। उन्होंने ट्विटर के एक शेयर की कीमत 54.20 डॉलर (लगभग 4,410 रुपये) लगाते हुए 44 अरब डॉलर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को खरीदने का ऑफर दिया था। उन्होंने कहा था कि वो पैसों के लिए ट्विटर नहीं खरीद अरबपति बनने के लिए रहे हैं। वो यह सौदा इसलिए कर रहे हैं ताकि मानवता की मदद की जा सके।

रेटिंग: 4.11
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 715
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *